महाराष्ट्र मुंबई: आज भी तेज बारिश का अलर्ट, अब तक 43 लोगों की मौत

Wednesday, July 3, 2019

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महाराष्ट्र मुंबई: आज भी तेज बारिश का अलर्ट, अब तक 43 लोगों की मौत

महाराष्ट्र: मुंबई में बारिश का सिलसिला बीते कई दिनों से जारी है। मुंबई मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बार देर से पहुंचे मानसून ने बरसात के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटे में 375.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो किसी एक दिन में 5 जुलाई, 1974 के बाद दूसरी और 26 जुलाई, 2005 के बाद की सबसे भीषण बरसात है।
जुलाई माह के पहले दो दिन में ही रिकॉर्ड 467 मिमी बरसात व जलभराव के कारण देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सड़क से लेकर रेल ट्रैक और आसमान तक में  यातायात थम जाने से जनजीवन को पूरी तरह ठप हो गया है। मुंबई-पुणे में दीवार व नासिक में वाटर टैंक गिरने से 43 लोगों समेत पूरे महाराष्ट्र में 39 की जान हादसों में चली गई, जबकि 150 से ज्यादा घायल हुए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के आपदा नियंत्रण कंट्रोल रूम का दौरा किया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने लोगों से जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आपात सेवाएं ही शुरू रहेंगी। कई प्राइवेट कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को छुट्टी अथवा घर से काम करने की इजाजत दे दी है।

मौसम विभाग ने अभी पांच जुलाई तक मूसलाधार बरसात जारी रहने की संभावना जताई है, जिसके चलते एमबीबीएस आदि में प्रवेश के लिए कागजात सत्यापन 5 जुलाई तक टाल दिया गया है। मुंबई विश्वविद्यालय ने भी बीएससी कंप्यूटर साइंस की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

मुख्यमंत्री ने भी विधायक आवासों के लिए बनने वाली नई बिल्डिंग का शिलान्यास समारोह टाल दिया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी जोशी के मुताबिक, आपदा नियंत्रण कंट्रोल रूम को जलभराव व हादसों की 3593 शिकायतें मिलीं। पालिका ने 53 स्थानों पर पानी निकालने के लिए 1400 पंप लगाए हैं।

विधानसभा में मानसून सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने मलाड दीवार हादसे का मुद्दा उठाकर शिवसेना की सत्ता वाली बीएमसी को भंग करने की मांग की।

महाराष्ट्र में हादसे, 43 लोगों की मौत

बारिश के कारण सोमवार-मंगलवार की मध्य रात करीब दो बजे मुंबई के मलाड (पूर्व) क्षेत्र के पिंपरीपाड़ा इलाके में दो साल पहले बनी जल वितरण विभाग की 35 फीट ऊंची दीवार के मजदूर बस्ती की झोपड़ियों पर गिरने से 21 लोग मारे गए, जबकि 78 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती हैं।

दीवार के मलबे के नीचे फंसी एक 10 साल की बच्ची के लिए बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन वह मृत निकली। मलबे में कुछ अन्य लोगों के दबे होने की भी आशंका है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये सहायता राशि की घोषणा करते हुए हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है।

उधर, कल्याण में एक उर्दू स्कूल की दीवार दो घरों पर गिरी, जिसमें 3 साल के बच्चे समेत तीन लोग मारे गए। कुरार गांव में एक दीवार गिरने से 51 लोग घायल हुए हैं। पुणे के अंबेगढ़ क्षेत्र में एक कॉलेज की दीवार गिरने से उसके नीचे छह मजदूर दबकर मर गए, चार घायल हैं।

वहीं, मलाड सबवे में एक स्कॉर्पियो कार दस फुट ऊंचे पानी में डूब गई, जिससे उसके अंदर सवार दो लोग मारे गए। नासिक की सोमेश्वर कॉलोनी में भी वाटर टैंक ढह जाने से 4 मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पालघर में दो लोग बाढ़ में बह जाने से लापता हैं।

बुलढाना जिले में भी बिजली गिरने से एक 52 साल की महिला की मौत हो गई है। गनीमत था कि सोमवार को ही भारतीय मौसम विभाग की तरफ से मंगलवार को भारी बारिश की संभावना जताने पर सरकार ने सरकारी अवकाश घोषित कर दिया था। इससे सड़कों पर आम आवाजाही कम रही और हादसों का आंकड़ा और बड़ा होने से बच गया।