मध्य प्रदेश 50 % से कम वोट पाकर 147 विधायकों ने ली विधानसभा में एंट्री

Tuesday, January 22, 2019

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मध्य प्रदेश  50 % से कम वोट पाकर 147 विधायकों ने ली विधानसभा में एंट्री

नई दिल्ली : -: मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 विधायकों में से 147 विधायक ऐसे हैं, जो अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से आधे यानी 50 % से कम वोट पाकर जीते हैं. यह खुलासा सोमवार को एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म द्वारा जारी रिपेार्ट से हुआ है. एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के 230 विधायकों में मात्र 83 विधायक ही है, जिन्होंने 50 फीसदी से अधिक वोट पाकर विधानसभा में पहुंचे हैं. वहीं 147 विधायक ऐसे हैं, जो अपने - अपने विधानसभा क्षेत्रों से आधे से कम वोट पाकर जीते हैं. भाजपा के 109 विधायकों में से 71 ऐसे हैं जो आधे से कम वोटों से जीते हैं. दूसरी ओर कांग्रेस के 114 विधायकों में 69 सदस्य आधे से कम वोटों से अंतर से जीते हैं.राज्य की विधानसभा में 230 सदस्य है. इनमें कांग्रेस के 114, भाजपा के 109, बसपा के दो, सपा का एक और निर्दलीय 4 सदस्य है. सपा, बसपा और निर्दलीय उम्मीदवार 50 फीसदी से कम वोट पाकर जीते हैं. राज्य में निर्वाचित 230 विधायकों में 10 विधायक ऐसे हैं जो 1000 वोटों से कम के अंतर से जीते हैं. वहीं पांच विधायक ऐसे हैं जो 30 प्रतिशत से अधिक के वोटों के अंतर से जीते. निर्वाचित विधायकों में 21 सदस्य महिलाएं हैं.मध्य प्रदेश में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. सपा-बसपा और निर्दलियों के सहयोग से कांग्रेस सरकार चला रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि सरकार पूरे पांच साल चलेगी और वे अपने कार्यकाल का हिसाब भी देंगे, जो वे (भाजपा) नहीं दे पाए. कमलनाथ को यह बात इसलिए कहनी पड़नी है, क्योंकि भाजपा की ओर से बार-बार कहा जाता रहा है कि यह सरकार कुछ ही माह में गिरने वाली है. इन दिनों भाजपा के बड़े से लेकर छोटे नेता तक अपने बयानों में कांग्रेस सरकार के गिरने की कामना करते नजर आते हैं.कमलनाथ ने कहा था कि मैं समाचारपत्रों में हमारी सरकार को लेकर दिए जा रहे बयान पढ़ रहा हूं, कहा जा रहा है कि यह सरकार कब तक चलेगी, कोई कहता है कि 15 दिन में चली जाएगी, कोई कहता था कि विधानसभाध्यक्ष के चुनाव में ही चली जाएगी. लेकिन मैदान छोड़कर कौन भागा, इसके गवाह सभी हैं. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इसे कुछ ही माह सरकार बताते हुए कहा था कि मंत्रियों के बंगलों की पुतई जब तक पूरी होगी, तब तक यह सरकार ही गिर जाएगी.इन बयानों पर कमलनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा अपनाए गए रवैए पर तंज कसा और कहा कि जो मैदान में नहीं रह पाए, मैदान छोड़कर भाग गए, जो मैदान में नहीं रह सकते वे मुकाबला क्या करेंगे. उन्होंने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिश का इशारों में जिक्र करते हुए कहा कि वे प्रलोभन दे रहे हैं, देते रहें, आगे भी देते रहेंगे, मगर कांग्रेस और साथी पार्टी के लोगों पर इस प्रलोभन का कोई असर नहीं होने वाला. पांच साल बाद हिसाब-किताब दिया जाएगा जो वे लोग नहीं दे पाए.